इंसोम्निया को दूर करने के लिए होम रेमेडीज:

इंसोम्निया: अनिद्रा की बीमारी

 

इंसोम्निया दुनिया की एक बहुत ही सामान्य बीमारी है, अकेले भारत में ही प्रत्येक वर्ष 1 करोड़ से अधिक मामले इंसोम्निया के आते है, इनमे 33% से 50% युवा अनिद्रा का शिकार होते है, इसका अब तक कोई इलाज नहीं है, लेकिन इसे इलाज और नीचे बताई गयी चीजों को करने से कम किया जा सकता है । ऐसा देखा गया है की आयुर्वेदिक तरीका अपनाने से कई लोगो ने इस बीमारी से समय समय पर मुक्ति पायी है। आयुर्वेद का 5000 वर्षो का एक स्वर्णिम इतिहास रहा है।  आज भी जहां एलोपैथिक विज्ञान में जिन रोगो का इलाज नहीं मिलता तो वहा आयुर्वेदिक विज्ञान ही एक समाधान के तौर पर दीखता है। 

क्या है इंसोम्निया या अनिद्रा?

इंसोम्निया एक सामान्य अनिद्रा का रोग है।  इंसोम्निया से ग्रसित व्यक्ति को निद्रा आने और निद्रा में निरंतरता बने रहने में काफी समस्याएं होती है।  इस रोग से ग्रसित व्यक्ति मुख्यतः रात्रि में 3 लक्षणों से गुजरता है-

  • घंटो नींद का ना आना- इसका यह एक मुख्य लक्षण है जिसमे ग्रसित व्यक्ति को घंटो नींद का इंतजार करना पड़ता है। 
  • रात्रि में बार-बार निद्रा का भंग होना- निद्रा में निरंतरता की कमी है, 4-5 बार रात्रि में निद्रा का टूटना भी अनिद्रा रोग का एक घटक है।
  • सुबह समय से पहले नींद का खुलना- सुबह समय से पहले नींद का टूटना और दोबारा सोने पर निंद्रा का ना आना भी एक मुख्य लक्षण है। 

 

इंसोम्निया से ग्रसित व्यक्ति को दिन में निचे दिए गए लक्षण होते है-

  • थकावट का एहसास होना
  • सिर दर्द होना
  • मूड में ढुलमुल बदलाव
  • चिड़चिड़ाहट और बेवजह गुस्से का आना
  • एकाग्रता में कमी और काम में मन ना लगना
  • आखो में जलन और दर्द होना

 

इंसोम्निया कितने तरह के होते है?

अनिद्रा या इंसोम्निया कुछ समय के लिए भी हो सकता है या फिर यह लम्बे समय तक भी आपके साथ बना रह सकता है।  इंसोम्निया की इस प्रवर्ति के आधार पर उसे 2 वर्गों में वर्गीकृत किया गया है-

  • एक्यूट इंसोम्निया- इंसोम्निया का यह प्रकार अल्पकालीन समय के लिए व्यक्ति को होता है, यह मुख्यतः चिंता के अत्यधिक बढ़ने से होता है। 
  • क्रोनिक इंसोम्निया- यह लम्बे समय या जीवन भर व्यक्ति के साथ रहती ह।

 

इंसोम्निया किन कारणों से होता है?

इंसोम्निया हमारी शारारिक परेशानियों, मानसिक तनावों तथा रोजमर्रा के हमारे कार्य और आदतों से होता है-

शरररिक परेशानी में रोगी को जॉइंट के दर्द, कमर दर्द, फेफड़ो की परेशानी, दिल की बीमारी, चोट के दर्द, आदि परेशानियों से अनिद्रा का शिकार हो सकता है। मानसिक तनावों के होने से एंग्जायटी, डिप्रेशन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती है जो अनिद्रा का कारण बन सकती है। हमारी रोजमर्रा की आदतों से भी हमारी निद्रा में फर्क पड़ता है, रात्रि में देर से सोना, मदिरा पान व् धूम्रपान करना, रात्रि में फ़ोन तथा टीवी का उपयोग करना आदि आदतों से भी इंसोम्निया हो सकता है।

इंसोम्निया से क्या समस्याएं हो सकती है?

इंसोम्निया या नींद का ना आना, लम्बे समय तक अगर व्यक्ति इस बीमारी से ग्रसित रहता है तो यह रोग अन्य रोगो, जैसे- डायबिटीज, स्ट्रोक, दिल में होने वाली बीमारिया, मोटापे आदि को भी बढ़ावा देता है। 

 

इंसोम्निया के लिए कुछ टिप्स:

अनिद्रा या इंसोम्निया से पीड़ित व्यक्ति अगर निचे बताई गयी क्रियाओ का अनुपालन करता है, तो उसे अनिद्रा या इंसोम्निया से राहत मिल सकती है-

  • इंसोम्निया से पीड़ित व्यक्ति को निद्रा का एक समय नित दिन अपनाना चाहिए।
  • अनिद्रा से ग्रसित व्यक्ति को प्रतिदिन प्रातः व्यायाम करना चाहिए।
  • मदिरा व धूम्रपान जैसी ख़राब आदतों को नियंत्रित करना चाहिए
  • दिन में सोने की आदत को बंद करना चाहिए
  • सयन कक्ष को इतना अंधकारमय करना चाहिए जिससे आँखों में रौशनी ना पड़े, व ध्वनि करने वाले उपकरणों को सोते समय बंद करना चाहिए।
  • सोते समय या उससे 1 घंटे पहले कॉफ़ी का सेवन ना करे।  
  • यदि आप एंग्जायटी या डिप्रेशन में है तो आपको दो महीने से लेकर चार महीने तक ध्यान (मेडिकेशन) करना चाहिए। 
  • सोने से पहले रोगी को कैमोमाइल के पत्तो या उसकी पंखुडियो की चाय पीनी चाहिए, यह चाय शरीर में मेलाटोनिन हॉर्मोन को बढ़ा देता है, जो शरीर में निद्रा को बढाती है, तथा यह इंसोम्निया के असर को भी कम करती है।
  • सफ़ेद चावल का पर्याप्त सेवन भी अनिद्रा के नाश में मुख्य भूमिका निभाता है।
  • रोजाना सोने से 2 घंटे पहले गर्म पानी से स्नान करे
  • अपने पैरो की अच्छी तरह मालिश करे
  • किताब पढ़ना, सोशल मीडिया नेटवर्क इस्तेमाल करने से बेहतर है

 

इंसोम्निया को दूर करने के लिए होम रेमेडीज:

निचे दी गयी होम रेमेडीज को फॉलो करे और इंसोम्निया व अनिंद्रा से राहत पाए:

 

इंसोम्निया के लिए पहली होम रेमेडी-

सामग्री: शहद, दूध और खस-खस

स्टेप्स: एक गिलास गुनगुने दूध में एक चम्मच शहद के साथ एक चम्मच खस-खस डालकर अच्छी तरह मिला ले।

निर्देश: इस मिश्रण को रोजाना दिन में एक बार सोने से पहले पिए।

 

इंसोम्निया के लिए दूसरी होम रेमेडी-

सामग्री: लैवेंडर का तेल

निर्देश: लैवेंडर के तेल की कुछ बुँदे लेकर उसे सूंघने से नींद अच्छी आती है।

 

इंसोम्निया के लिए तीसरी होम रेमेडी-

सामग्री: एप्पल साइडर विनेगर, शहद और एक गिलास पानी

स्टेप्स: एप्पल साइडर विनेगर के 2 चम्मच और एक चम्मच शहद को एक गिलास गुनगुने पानी में अच्छी तरह मिला लीजिये।

निर्देश: रोजाना सोने से पहले इस मिश्रण का एक गिलास जरूर पिए।

 

इंसोम्निया के लिए चौथी होम रेमेडी-

सामग्री: केले और शहद

स्टेप्स: दो से तीन केलो को लेकर उनको छील लीजिये और उनकी सतह में शहद लगा लीजिये।

निर्देश: केले में शहद लगा कर खाने से नींद बढ़ने के आसार बढ़ जाते है।

 

इंसोम्निया के लिए पांचवी होम रेमेडी-

सामग्री: तुलसी के पत्ते और लॉन्ग की बालिया

निर्देश: तुलसी और लॉन्ग या कोई भी हर्बल चाय पीने से एंग्जायटी खत्म होती है और नींद अच्छी आती है।

 

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