पीलिया के लिए घरेलु नुस्खे

पीलिया होने के कारण और उसके घरेलू नुस्खे

 

पीलिया उन बीमारियों में से एक है जो नवजात शिशुओं को सबसे अधिक प्रभावित करती है, इसको समझने के लिए एक आकड़े पर नजर डालते है, एक आकड़े के अनुसार 10 नवजात शिशुओं में से छह नवजात शिशुओं में पीलिया के लक्षण पाए जाते है, हालाँकि 20 नवजात शिशुओं में से एक नवजात शिशु को पीलिया की गंभीर समस्या होती है. पीलिया किसी भी उम्र के व्यक्तियों को अपना शिकार बना सकता है, हालाँकि पीलिया का प्रचलन वयस्क व्यक्तियों की अपेक्षा नवजात शिशुओं में अधिक है. किसी भी व्यक्ति को पीलिया  तब होता है जब उसके शरीर में रक्त में  बिलीरुबिन की मात्रा बढ़ जाती है. रक्त में बिलीरुबिन, पित्त वाहिका (Bile duct) के ब्लॉकेज के कारण जाता है. पीलिया को घर में कुछ सावधानिया बरतते हुए और नीचे व्याख्यायित घरेलू नुस्खों द्वारा ठीक किया जा सकता है.

पीलिया क्या है?

लाल रक्त कणिका (RBC) के ब्रेकडाउन से एक पिले रंग उत्पन्न करने वाला पिग्मेंट उत्पन्न होता है, जिसे बिलीरुबिन कहते है. पीलिया बिलीरुबिन के रक्त में मिल जाने के कारण ही होता है. बिलीरुबिन के रक्त में मिलने के कारण हमारी त्वचा और आँखों का सफ़ेद हिस्सा पीला होने लगता है. पित्त वाहिका (Bile duct) में ब्लॉकेज के कारण बिलीरुबिन अपने सही स्थान पर नहीं जा पाता और रक्त में संचित होने लगता है.  पित्त वाहिका या bile duct में ब्लॉकेज कई कारणों से होता है जैसे हेपेटाइटिस और अन्य लिवर सम्बंधित रोग. पीलिया बिलीरुबिन के अत्यधिक उत्पादन के कारण होता है. पीलिया वयस्क व्यक्तियों को नवजात शिशुओं की अपेक्षा काफी कम होता है. पीलिया के कई प्रकार है.

 

पीलिया के प्रकार निम्नलिखित है-

पीलिया सामान्यतः तीन प्रकार का होता है-

  • शुरुआती पीलिया (Prehepatic jaundice)
  • बिच का पीलिया (Hepatic jaundice)
  • बाद का पीलिया (Post hepatic jaundice)

 

पीलिया होने के क्या लक्षण है?

पीलिया निम्नलिखित कारणों से हो सकता है-

  • आँखें, त्वचा व नाखून पीले पढ़ जाना
  • उलटी आना या अनुभूति होना
  • बुखार
  • पीला पेशाब आना
  • भूख न लगना और लगे भी तो असमय लगना
  • पीला मल आना
  • लिवर के आस पास दर्द होना
  • वजन घटना
  • कमजोरी व थकान महसूस होना
  • पॉव में सूजन आना

 

पीलिया होने के क्या कारण है?

पित्त वाहिका (Bile duct) में ब्लॉकेज के कारण पीलिया होता है, ब्लॉकेज निम्नलिखित कारणों से होता है-

  • हेपेटाइटिस
  • पित्ताशय में पत्थरी की शिकायत
  • अनुवांशिक और पारिवारिक
  • लिवर से सम्बंधित रोग व इन्फेक्शन
  • शराब का अत्याधिक सेवन
  • किसी अन्य रोग की दवा चल रही हो

 

पीलिया से क्या समस्याएं उत्पन्न हो सकती है?

  • एनीमिया
  • कब्ज
  • लिवर का फेलियर
  • किडनी फेलियर
  • रक्त श्रवित होना
  • पाव सूज जाना
  • गैस आदि की समस्या
  • डायरिया
  • पेट में दर्द
  • बुखार
  • थकावट का महसूस होना


पीलिया कम करने के लिए टिप्स-

  • कम से कम 8 गिलास पानी रोजाना पिए
  • हर्बल चाय का सेवन करे
  • मिल्क थिस्टल का सेवन रोजाना करे
  • पपीता, एवोकाडो और आम का सेवन करे
  • फाइबर युक्त खाद्य पदार्थो जैसे खीरा और लौकी का सेवन करे
  • बेरीज जैसे स्ट्रॉ बेरी, ब्लैक बेरी और ब्लू बेरी का सेवन करे
  • बीन्स का सेवन करे
  • रिफाइंड ग्रेन्स के सेवन को सबूत अनाज के सेवन में बदले
  • तले-भुने भोजन का सेवन करे
  • चाय और कॉफ़ी में सफ़ेद चीनी का उपयोग न करे
  • हल्दी का सेवन करे

 

पीलिया के लिए घरेलु नुस्खे-

निम्नलिखित घरेलू नुस्खों का पालन करे और पीलिया का इलाज करे-

 

पीलिया के लिए पहला घरेलू नुस्खा

सामग्री: टमाटर, पानी और नमक

स्टेप १: 4 से 5 टमाटरों को 500 मिली लीटर पानी में 15 मिनट के लिए उबाले

स्टेप २: उबले हुए टमाटरों का जूस बनाने के लिए उनको ग्राइंडर में बारीक ग्राइंड करे

स्टेप ३: टमाटर जूस को एक गिलास में ले और स्वाद के लिए उसमे थोड़ा नमक अच्छी तरह मिला ले

निर्देश: इस जूस का सेवन रोजाना सुबह खाली पेट करे

 

पीलिया के लिए दूसरा घरेलू नुस्खा

सामग्री: बादाम, सूखे खजूर, इलायची, चीनी और मक्खन

स्टेप १: 7 बादाम, 2 सूखे खजूर और 3 इलायची की बालिया पानी में पूरी रात डुबोकर रख ले

स्टेप २: इन भीगे हुए उत्पादों को बारीक पीस ले और एक अच्छा पेस्ट बनाले

स्टेप ३: पेस्ट बनाने के पश्चात इसमें 2 चम्मच चीनी और एक चम्मच मक्खन अच्छी तरह मिला ले

निर्देश: इस मिश्रण का सेवन रोजाना दिन में एक बार अवश्य करे

 

पीलिया के लिए तीसरा घरेलू नुस्खा

सामग्री: मूली के पत्ते और जल

स्टेप १: मूली के कुछ सांफ पत्ते लीजिये और उनको अच्छी तरह धोकर पानी में उबालने के लिए गैस में रख दीजिये

स्टेप २: उबालने के पश्चात जूसर में उन उबले हुए मूली के पत्तो को डालकर उसका अच्छा जूस बना लीजिये

स्टेप ३: जूस बनाने के पश्चात उसमे स्वाद के लिए थोड़े नमक की मात्रा मिला लीजिये

निर्देश: इस मिश्रण का सेवन रोजाना दिन में 3 बार अवश्य करे

 

पीलिया के लिए चौथा घरेलू नुस्खा

सामग्री: लहसून

स्टेप १: लहसून की दो गाठ लेकर उनका बारीक पेस्ट बना लीजिये

स्टेप २: अच्छा पेस्ट बनाने के पश्चात उसे जूस हां भोज्य पदार्थो में मिला लीजिये

निर्देश: आपको कम से कम लहसून की 2 गाठो का सेवन अवश्य करना है, आप खाने में भी लहसून का सेवन कर सकते है

 

पीलिया के लिए पांचवा घरेलू नुस्खा

सामग्री: गन्ना

निर्देश: गन्ने का जूस रोजाना दिन में कम से कम तीन बार पिए

 

पीलिया के लिए छठा घरेलू नुस्खा

सामग्री: नीम के पत्ते और गुड़

स्टेप १: नीम के ताजे कुछ पत्ते लीजिये और उनको ओखली में अच्छी तरह कूटकर उनका पेस्ट बना लीजिये

स्टेप २: नीम पेस्ट को छन्नी की सहायता से उसका रस एक गिलास में निकाल लीजिये

स्टेप ३: थोड़ा सा कदूकस किया हुआ गुड़ लीजिये और उसे अच्छी तरह से नीम जूस में मिला लीजिये

निर्देश: इस जूस का सेवन रोजाना दिन में दो बार सुबह व शाम करे

 

पीलिया के लिए सातवां घरेलू नुस्खा

सामग्री: नीबू

निर्देश: एक नीबू लेकर उसको काटके उसके आधे हिस्से को पानी के एक गिलास में निचोड़ लीजिये और स्वाद के लिए थोड़ा नमक मिलकर उसका सेवन कीजिये. आप दिन 2 से 3 बार इसका सेवन कर सकते है.

 

पीलिया के लिए आठवाँ घरेलू नुस्खा

सामग्री: अमला, अदरक और तुलसी के पत्ते

स्टेप १: अमला को बारीक टुकड़ो में काटिये और उसके बीज को निकाल लीजिये\

स्टेप २: अमला के टुकड़ो को तुलसी के कुछ पत्तो और अदरक के एक टुकड़े के साथ पीसले और एक मिश्रण बना ले

निर्देश: इस मिश्रण का सेवन रोजाना दिन में दो या तीन बार करे

 

6 चीजे जो पीलिया को कम करने में कारगर है

  • टमाटर
  • दही
  • हरे अंगूरों का जूस
  • बकरी का दूध
  • गन्ने का जूस
  • हर्बल चाय और अदरक चाय

 

Our Products

Home Remedies

BODY DETOX